Darbhanga से निकल रही है नई Cinema आवाज? Dhuin से Dhadak 2 तक पूरी कहानी

Bihar को Hindi Cinema में लंबे समय से एक खास तरह की Location के रूप में देखा जाता रहा है—जहां कहानी Crime, Politics, Poverty या छोटे शहर की जिंदगी के इर्द-गिर्द घूमती है। लेकिन अब तस्वीर थोड़ी अलग दिखाई दे रही है।

Bihar Cinema Wave
Bihar Cinema Wave

Darbhanga की गलियां, Maithili भाषा, Local Theatre, परिवार, रिश्ते और छोटे शहरों के सपने अब सिर्फ Background नहीं हैं। कुछ Filmmakers इन्हीं चीजों को अपनी कहानी का केंद्र बना रहे हैं।

इसी बदलाव के बीच “New Darbhanga Wave” नाम सामने आया है। ThePrint ने Achal Mishra, Parth Saurabh और Abhinav Jha जैसे Filmmakers के काम को इस उभरती हुई Cinematic Movement से जोड़ा है।

और अब India Cine Commune Film Festival (ICCFF) का पहला Edition इस Cinema को एक ही जगह सामने लाने जा रहा है।

Patna में जुटेंगी Bihar की अलग-अलग Cinema आवाजें

ICCFF का पहला Edition 27 September 2026 को Patna में होगा। Festival का पहला Edition Bihar से जुड़े Filmmakers और Films पर केंद्रित है।

Programme की शुरुआत Shazia Iqbal की Dhadak 2 से होगी। इसके बाद कई Short Films दिखाई जाएंगी। Feature Film Segment में Parth Saurabh की Pokhar Ke Dunu Paar और Closing Film के तौर पर Achal Mishra की Dhuin शामिल हैं। Filmmakers के साथ बातचीत और Panel Discussions भी Festival का हिस्सा होंगे।

यानी यह सिर्फ एक Film Festival नहीं, बल्कि Bihar से जुड़ी अलग-अलग तरह की Cinema को एक साथ देखने का मौका है।

असल कहानी Dhadak 2 से ज्यादा Darbhanga की है

Dhadak 2 का इस Festival में होना इसे सीधे Mainstream Hindi Cinema से जोड़ता है। Film को Shazia Iqbal ने Direct किया और इसमें Siddhant Chaturvedi तथा Triptii Dimri Lead Roles में हैं। Film 2025 में Theatrically Released हुई थी।

Dhadak 2
Dhadak 2

Shazia Iqbal ने Filmfare के साथ बातचीत में बताया था कि उन्होंने Mainstream Audience के लिए Caste Discrimination जैसे विषय को सामने लाने की कोशिश की। Dhadak 2 Tamil Film Pariyerum Perumal का Hindi Adaptation है।

लेकिन Bihar की इस Cinema कहानी का सबसे खास हिस्सा Dhadak 2 नहीं है। वह है Darbhanga।

Darbhanga कैसे बना इस कहानी का केंद्र?

ThePrint की रिपोर्ट के मुताबिक, New Darbhanga Wave की शुरुआत 2019 के आसपास Achal Mishra, Parth Saurabh और Abhinav Jha के काम से जुड़ी है।

इन Filmmakers की कोशिश किसी Mainstream Cinema के खिलाफ Movement शुरू करने की नहीं थी। उनका Focus अपने अनुभवों और Bihar की जानी-पहचानी दुनिया से Stories बनाने पर था।

यही बात इसे दिलचस्प बनाती है।

यहां Bihar को किसी दूसरे शहर के दर्शकों के लिए “अलग” या “अजीब” जगह बनाने की कोशिश कम दिखाई देती है। इसके बजाय वहां की सामान्य जिंदगी ही कहानी बन जाती है।

Dhuin में Mumbai का सपना, लेकिन दुनिया Darbhanga की

Achal Mishra की Dhuin इसका सबसे मजबूत उदाहरण है।

Dhuin
Dhuin

2022 की यह 50 मिनट की Film एक छोटे शहर के Theatre Actor की कहानी है, जो Mumbai जाकर अपना Career बनाने का सपना देखता है। लेकिन परिवार की आर्थिक परेशानियां और जिम्मेदारियां उसे अपने सपने और हकीकत के बीच चुनाव करने पर मजबूर करती हैं। Film Hindi और Maithili में है और Darbhanga में Set है।

इस कहानी का सबसे खूबसूरत विरोधाभास यही है—

उसका सपना Mumbai है, लेकिन उसकी दुनिया Darbhanga है।

यानी Mumbai यहां मंजिल है, जबकि Darbhanga उसकी पहचान।

Dhuin को Festival du Cinéma de Brive में Grand Prix मिला था। Film को Museum of Modern Art, New York ने भी अपनी Recognition दी।

Pokhar Ke Dunu Paar: जब Hometown खुद कहानी बन गया

Parth Saurabh की Pokhar Ke Dunu Paar भी Darbhanga को सिर्फ Shooting Location की तरह इस्तेमाल नहीं करती।

Pokhar Ke Dunu Paar
Pokhar Ke Dunu Paar

Film में एक Couple Lockdown के दौरान आर्थिक मुश्किलों के कारण अपने Hometown लौटता है। कहानी उनके रिश्ते, परिवार और उस माहौल के बीच आगे बढ़ती है।

Parth Saurabh ने खुद Bihar की ऐसी Stories को “authentic and lived in” कहने की बात की थी और यह भी बताया था कि Cinema में Bihar को अक्सर Crime की जगह के तौर पर दिखाया गया है।

Film को San Sebastián Film Festival 2022 में New Directors Award – Special Mention भी मिला था।

यहां भी कोई बड़ा शहर कहानी पर हावी नहीं होता।

Darbhanga ही कहानी की दुनिया है।

Bihar Cinema का मतलब सिर्फ Bhojpuri Cinema नहीं

Bihar की Cinematic पहचान को केवल Bhojpuri Films तक सीमित करना भी पूरी तस्वीर नहीं दिखाता।

Maithili Cinema की अपनी एक परंपरा है। Nitin Chandra की Mithila Makhaan ने Maithili Cinema को National स्तर पर पहचान दिलाई और यह National Film Award जीतने वाली पहली Maithili-language Feature Film बनी। ThePrint के अनुसार, इसके बाद Darbhanga से जुड़े Filmmakers ने Independent Cinema के लिए एक Ecosystem बनाने की कोशिश भी की।

Achal Mishra की Gamak Ghar भी इसी बदलाव की शुरुआती महत्वपूर्ण Films में रही। 2019 की यह Maithili Film Bihar के एक गांव में एक परिवार और उसके पैतृक घर के बदलते रिश्ते को देखती है। Film को MAMI और New York Indian Film Festival में Awards भी मिले।

इसलिए कहानी सिर्फ नई Films की नहीं है।

यह Bihar को देखने के तरीके में बदलाव की कहानी है।

एक दिलचस्प बात: इन Films में “बड़ा” बनने की जल्दी नहीं

Mainstream Cinema अक्सर बड़े Locations, बड़े Stars और बड़े Conflicts के जरिए दुनिया बनाता है।

Darbhanga से जुड़ी इन Films का तरीका अलग है।

यहां एक घर महत्वपूर्ण हो सकता है।
एक सड़क महत्वपूर्ण हो सकती है।
एक Theatre Group महत्वपूर्ण हो सकता है।
एक Couple की आर्थिक परेशानी कहानी बन सकती है।
और एक छोटे शहर का युवक Mumbai जाने का सपना देख सकता है।

ThePrint ने Dhuin और Pokhar Ke Dunu Paar के साथ इस नए Cinema की पहचान को इसी तरह के rooted storytelling approach से जोड़ा है।

लेकिन सबसे बड़ी चुनौती अभी बाकी है

Film बन जाना इस कहानी का आखिरी पड़ाव नहीं है।

Distribution अभी भी बड़ी समस्या है।

ThePrint की रिपोर्ट के अनुसार, Bihar-rooted Independent Films के सामने Theatre Screens और Distribution की कमी बड़ी चुनौती बनी हुई है। बड़े Commercial Releases के बीच ऐसी Films के लिए पर्याप्त Screens हासिल करना मुश्किल हो सकता है।

यानी एक Film International Festival तक पहुंच सकती है, लेकिन जरूरी नहीं कि वही Film अपने Region के दर्शकों तक आसानी से पहुंच पाए।

यहीं Film Festivals, OTT Platforms और Alternative Screening Spaces महत्वपूर्ण हो जाते हैं।

तो क्या सच में Bihar में नई Cinema Wave है?

शायद अभी इसे एक पूरी तरह स्थापित Film Industry कहना जल्दबाजी होगी।

लेकिन इतने संकेत जरूर हैं कि इसे नजरअंदाज करना मुश्किल है।

Gamak Ghar से Dhuin तक, Pokhar Ke Dunu Paar से New Darbhanga Wave तक—एक ही Region से जुड़े Filmmakers लगातार अपनी भाषा, अपने शहर और अपनी जिंदगी से Stories बना रहे हैं।

और अब Patna का ICCFF इन आवाजों को एक ही Programme में साथ ला रहा है।

सबसे दिलचस्प बदलाव शायद यही है:

Bihar अब सिर्फ वह जगह नहीं है जहां Bollywood की कहानी सेट की जाती है। कुछ Filmmakers अब Bihar से अपनी कहानी शुरू कर रहे हैं।

और यही वजह है कि Dhadak 2, Dhuin और Pokhar Ke Dunu Paar को एक साथ देखना सिर्फ तीन Films को देखना नहीं है—यह समझने का मौका है कि Indian Cinema में छोटे शहरों की आवाज किस तरह बदल रही है।

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